अगर आप हस्तमैथुन करते हैं तो इसे जरूर पढिये
जब कोई पुरुष सेक्स सुख पाने के लिए कोई स्त्री नहीं पाता तब वो खुद अपने लिंग को अपने हाथों से तब तक रगड़ता है जब तक उसका वीर्य न निकल जाए इसे ही हस्तमैथुन कहते हैं
ये एक बहुत ही सामान्य बात है और प्रायः 99 प्रतिशत पुरुष हस्तमैथुन करते हैं ।किशोरावस्था और युवावस्था में ऐसा करने की प्रवृत्ति ज्यादा होती है।कई युवा लड़के तो एक एक दिन में 3-4 बार हस्तमैथुन करते हैं और सेक्स की भूख तो ऐसी चीज है की उसे जितना भड़काओ वो उतना ज्यादा भड़कती है।लेकिन क्या कभी आपने सोचा है की हस्तमैथुन करके आप खुद को कितना नुकसान पहुंचाते हैं।अगर नहीं तो आप इस पोस्ट को अवश्य पढ़िए और जानिये।
* शारीरिक कमजोरी
सेक्स करने के बाद व्यक्ति थक जाता है क्योंकि एक तो वो मेहनत करता है और दूसरा उसका वीर्य निकल जाता है लेकिन सेक्स के बाद उसे एक संतुष्टि का अहसास भी होता है ।लेकिन हस्तमैथुन करने वाला व्यक्ति वीर्य निकलने के बाद संतुष्ट तो हो जाता है लेकिन उसे कमजोरी का भी अहसास होता है ।क्योंकि वीर्य प्राकृतिक रूप से नहीं निकला बल्कि उसे जबरदस्ती निकाला गया है।और जब कोई रोज हस्तमैथुन करता है या अक्सर करता है तब उसके शरीर से हद से ज्यादा वीर्य निकल जाता है जितना उसके शरीर में बन भी नहीं पाता उतनी जल्दी और इस वजह से कमजोरी का अहसास होता है
सेक्स करने के बाद व्यक्ति थक जाता है क्योंकि एक तो वो मेहनत करता है और दूसरा उसका वीर्य निकल जाता है लेकिन सेक्स के बाद उसे एक संतुष्टि का अहसास भी होता है ।लेकिन हस्तमैथुन करने वाला व्यक्ति वीर्य निकलने के बाद संतुष्ट तो हो जाता है लेकिन उसे कमजोरी का भी अहसास होता है ।क्योंकि वीर्य प्राकृतिक रूप से नहीं निकला बल्कि उसे जबरदस्ती निकाला गया है।और जब कोई रोज हस्तमैथुन करता है या अक्सर करता है तब उसके शरीर से हद से ज्यादा वीर्य निकल जाता है जितना उसके शरीर में बन भी नहीं पाता उतनी जल्दी और इस वजह से कमजोरी का अहसास होता है
* आत्मग्लानि
हस्तमैथुन करते वक़्त तो ख़ुशी मिलती है लेकिन वीर्य के निकल जाते ही जैसे उत्तेजना शांत हो जाती है व्यक्ति को ग्लानि होने लगती है की अरे ये क्या कर दिया।ज़रा से सुख के लिए अपने वीर्य का नाश कर दिया।और इसका मनोवैज्ञानिक असर उस व्यक्ति के शरीर पर भी पड़ता है।
हस्तमैथुन करते वक़्त तो ख़ुशी मिलती है लेकिन वीर्य के निकल जाते ही जैसे उत्तेजना शांत हो जाती है व्यक्ति को ग्लानि होने लगती है की अरे ये क्या कर दिया।ज़रा से सुख के लिए अपने वीर्य का नाश कर दिया।और इसका मनोवैज्ञानिक असर उस व्यक्ति के शरीर पर भी पड़ता है।
* लिंग की मांसपेशियों का कमजोर हो जाना
जब आप प्राकृतिक सेक्स करते हैं तब आपका लिंग योनि में होता है और उसपर चारो और से एक सहज हल्का सा दबाव होता है जो आपके लिंग को घर्षण के द्वारा आपको सुख देता है लेकिन जब आप हस्तमैथुन करते हैं तब योनि की जगह आपका हाथ होता है और अक्सर ऐसा होता है की लोग सुख पाने के लिए लिंग को बहुत जोर से दबा देते हैं और बहुत जोर जोर से झटके भी मारते हैं।अब ऐसा करने से होता ये है की लिंग की पेशियाँ कमजोर हो जाती हैं और टूट भी जाती हैं जिससे लिंग में कमजोरी आ जाती है।
जब आप प्राकृतिक सेक्स करते हैं तब आपका लिंग योनि में होता है और उसपर चारो और से एक सहज हल्का सा दबाव होता है जो आपके लिंग को घर्षण के द्वारा आपको सुख देता है लेकिन जब आप हस्तमैथुन करते हैं तब योनि की जगह आपका हाथ होता है और अक्सर ऐसा होता है की लोग सुख पाने के लिए लिंग को बहुत जोर से दबा देते हैं और बहुत जोर जोर से झटके भी मारते हैं।अब ऐसा करने से होता ये है की लिंग की पेशियाँ कमजोर हो जाती हैं और टूट भी जाती हैं जिससे लिंग में कमजोरी आ जाती है।
* शीघ्रपतन
शीघ्रपतन यानी सेक्स आरम्भ करते ही लिंग से वीर्य का निकल जाना।कई लोग तो इतनी बुरी तरह इस रोग के शिकार होते हैं की उत्तेजित होते ही उनका वीर्य निकल जाता है या योनि पर रखते ही या योनि में लिंग डालते ही स्खलित हो जाते हैं ।इसे ही शीघ्रपतन कहते हैं और इस रोग की सबसे बड़ी वजह है हस्तमैथुन।क्योंकि जब लोग हस्तमैथुन करते हैं तो वो कोशिश करते हैं की जल्दी से जल्दी उनका वीर्य निकल जाए और वो सन्तुष्ट होकर सो जाएँ तो इस तरह उनका लिंग इस बात के लिए ट्रेंड हो जाता है की उसे जल्दी से जल्दी वीर्य को निकाल देना है और इस तरह वो व्यक्ति शीघ्रपतन का रोगी बन जाता है।
शीघ्रपतन यानी सेक्स आरम्भ करते ही लिंग से वीर्य का निकल जाना।कई लोग तो इतनी बुरी तरह इस रोग के शिकार होते हैं की उत्तेजित होते ही उनका वीर्य निकल जाता है या योनि पर रखते ही या योनि में लिंग डालते ही स्खलित हो जाते हैं ।इसे ही शीघ्रपतन कहते हैं और इस रोग की सबसे बड़ी वजह है हस्तमैथुन।क्योंकि जब लोग हस्तमैथुन करते हैं तो वो कोशिश करते हैं की जल्दी से जल्दी उनका वीर्य निकल जाए और वो सन्तुष्ट होकर सो जाएँ तो इस तरह उनका लिंग इस बात के लिए ट्रेंड हो जाता है की उसे जल्दी से जल्दी वीर्य को निकाल देना है और इस तरह वो व्यक्ति शीघ्रपतन का रोगी बन जाता है।
* शुक्राणुओं की संख्या में कमी
विवाह के बाद व्यक्ति का प्रथम उद्देश्य होता है सन्तान उतपन्न करना और इसके लिए आवश्यक है की उसके वीर्य में पर्याप्त मात्रा में शुक्राणु हों और वैसे भी पुरुष के वीर्य में लाखों शुक्राणु होते हैं लेकिन अत्यधिक हस्तमैथुन करने वाले व्यक्ति के वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या काफी कम हो जाती जिसकी वजह से वो अपनी पत्नी को गर्भवती नहीं बना पाते।
* खराब वैवाहिक सम्बन्ध
मान लीजिये की आपको हस्तमैथुन की लत है आप रोज अपने हाथों अपना वीर्य निकालते रहते हैं तो इस तरह आपने खुद को शीघ्रपतन और शिथिल लिंग का रोगी बना लिया है और अब आपकी शादी हो गयी है तो इन समस्याओं की वजह से आपकी सेक्सुअल लाइफ पर भी काफी बुरा असर पड़ेगा।क्योंकि जो व्यक्ति अपनी पत्नी को सेक्स संतुष्टि प्रदान न कर सके उस व्यक्ति की अपनी पत्नी की नजर में कोई इज्जत नहीं रह जाती और उसकी वैवाहिक जिंदगी तनावपूर्ण हो जाती है।
*तो ये मित्रों ये लेख हस्तमैथुन से होने वाले नुक्सान के बारे में था अगर आपको कोई शंका हो तो आप सवाल पूछ सकते हैं और ये पोस्ट कैसा लगा इसपे अपनी राय से अवगत जरूर कराइयेगा।धन्यवाद
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